छत्तीसगढ़ की राजा रानी झील के पराग से मध्यकालीन जलवायु विसंगति में मज़बूत मानसून का पता चला
विज्ञान मंत्रालय ने 12 जनवरी 2026 को बताया कि बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों को छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले की राजा रानी झील में संरक्षित पराग में लगभग 1,060 से 1,725 ईस्वी के बीच असामान्य रूप से मज़बूत भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के प्रमाण मिले।
सारांश
छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले की राजा रानी झील में लगभग 1,060 से 1,725 ईस्वी के बीच मध्य भारत में असामान्य रूप से मज़बूत भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के प्रमाण हैं, यह बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ के अध्ययन में सामने आया, जिसे विज्ञान मंत्रालय ने 12 जनवरी 2026 को जारी किया। शोधकर्ताओं ने लगभग 2,500 वर्षों को समेटे 40 सेमी लंबे तलछट कोर के पराग कणों का अध्ययन किया और परागविज्ञान से पुरानी वनस्पति और जलवायु का पुनर्निर्माण किया। नम और शुष्क उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन प्रजातियों की प्रधानता मज़बूत वर्षा और गर्म, आर्द्र जलवायु दर्शाती है, जिसे वैज्ञानिकों ने मध्यकालीन जलवायु विसंगति नामक वैश्विक गर्म चरण से जोड़ा। झील भारत के कोर मानसून ज़ोन में है, जहाँ मानसून लगभग 89–90% वर्षा लाता है।
मुख्य तथ्य
- स्थल
- राजा रानी झील, कोरबा ज़िला, छत्तीसगढ़ (कोर मानसून ज़ोन)
- संस्थान
- बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान, लखनऊ (DST)
- पद्धति
- 40 सेमी तलछट कोर (~2,500 वर्ष) पर परागविज्ञान
- निष्कर्ष
- मज़बूत भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून, ~1,060–1,725 ईस्वी
- संबद्ध चरण
- मध्यकालीन जलवायु विसंगति
- वनस्पति संकेत
- नम और शुष्क उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन प्रधान
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
राजा रानी झील, जहाँ BSIP वैज्ञानिकों को पुराने मज़बूत मानसून के पराग प्रमाण मिले (जनवरी 2026), किस ज़िले में है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — कोरबा, छत्तीसगढ़
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): झील भारत के कोर मानसून ज़ोन में छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में है।
राजा रानी झील के BSIP अध्ययन (जनवरी 2026) ने मज़बूत भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को किस वैश्विक गर्म चरण से जोड़ा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — मध्यकालीन जलवायु विसंगति
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): वैज्ञानिकों ने मज़बूत मानसून को लगभग 1,060–1,725 ईस्वी की मध्यकालीन जलवायु विसंगति से जोड़ा।