BSIP वैज्ञानिकों ने दलदल की तलछट के परागकणों से काज़ीरंगा का पारिस्थितिक इतिहास खोजा
DST ने 3 फरवरी 2026 को बताया कि बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने सोहोला दलदल के तलछट कोर में परागकण और गोबर-कवक बीजाणुओं से काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का पहला दीर्घकालिक पुरापारिस्थितिक रिकॉर्ड तैयार किया।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने 3 फरवरी 2026 को बताया कि DST के स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP) के वैज्ञानिकों ने असम के काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से शाकाहारी जीवों से जुड़े पहले दीर्घकालिक पुरापारिस्थितिक रिकॉर्ड तैयार किए हैं। उन्होंने सोहोला दलदल से एक मीटर से कुछ अधिक लंबे तलछट कोर का अध्ययन किया और परागकणों तथा पशु-गोबर पर उगने वाले कवक के बीजाणुओं से पता लगाया कि जलवायु, वनस्पति, आक्रामक प्रजातियों और शाकाहारी जीवों ने एक सींग वाले गैंडे के आवास को कैसे आकार दिया।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 3 फरवरी 2026
- संस्थान
- BSIP (स्वायत्त, DST)
- स्थल
- सोहोला दलदल, काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम
- विधि
- ~1 मी तलछट कोर में परागकण और गोबर-कवक बीजाणु
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
BSIP वैज्ञानिकों ने अपने पुरापारिस्थितिक अध्ययन (फरवरी 2026) के लिए काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के किस दलदल से तलछट कोर निकाला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — सोहोला दलदल
तलछट कोर काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के भीतर सोहोला दलदल से लिया गया।