BSIP को असम के माकुम कोयला क्षेत्र में नोथोपेजिया की विश्व की सबसे पुरानी जीवाश्म पत्तियाँ मिलीं
17 जून 2025 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों को असम के माकुम कोयला क्षेत्र में नोथोपेजिया वंश की 2.4–2.3 करोड़ वर्ष पुरानी जीवाश्म पत्तियाँ मिलीं।
सारांश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने 17 जून 2025 को बताया कि उसके स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ के शोधकर्ताओं ने असम के माकुम कोयला क्षेत्र की जीवाश्म पत्तियों का अध्ययन किया। ये पत्तियाँ आधुनिक नोथोपेजिया वंश से मिलती हैं, जो आज पश्चिमी घाट में उगता है पर पूर्वोत्तर भारत में नहीं मिलता। लगभग 2.4–2.3 करोड़ वर्ष पुरानी, अंतिम ओलिगोसीन युग की ये पत्तियाँ नोथोपेजिया का विश्व का सबसे पुराना ज्ञात जीवाश्म रिकॉर्ड हैं। क्लाइमेट लीफ़ एनालिसिस मल्टीवेरिएट प्रोग्राम (CLAMP) से टीम ने उस समय पूर्वोत्तर भारत की गर्म, आर्द्र जलवायु का पुनर्निर्माण किया। अध्ययन 'रिव्यू ऑफ़ पैलियोबॉटनी एंड पैलिनोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- BSIP, लखनऊ
- स्थल
- माकुम कोयला क्षेत्र, असम
- वंश
- नोथोपेजिया
- आयु
- लगभग 2.4–2.3 करोड़ वर्ष, अंतिम ओलिगोसीन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
17 जून 2025 को DST द्वारा बताई गई असम के माकुम कोयला क्षेत्र की जीवाश्म पत्तियाँ किस पादप वंश का विश्व का सबसे पुराना ज्ञात जीवाश्म रिकॉर्ड हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — नोथोपेजिया
PIB (DST): लगभग 2.4–2.3 करोड़ वर्ष पुरानी ये पत्तियाँ नोथोपेजिया वंश का विश्व का सबसे पुराना ज्ञात जीवाश्म रिकॉर्ड हैं।
BSIP वैज्ञानिकों द्वारा अध्ययन की गई नोथोपेजिया जीवाश्म पत्तियाँ किस कोयला क्षेत्र में मिलीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — माकुम कोयला क्षेत्र, असम
PIB (DST): जीवाश्म पत्तियाँ माकुम कोयला क्षेत्र, असम में मिलीं।