पत्ती जीवाश्मों से पता चला: पीर पंजाल उठने से पहले कश्मीर उपोष्णकटिबंधीय था
10 जुलाई 2025 को DST ने बताया कि BSIP लखनऊ के वैज्ञानिकों ने कश्मीर की करेवा तलछट से मिले लगभग 40 लाख वर्ष पुराने पत्ती जीवाश्मों के अध्ययन से घाटी की गर्म-आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में बदलाव को पीर पंजाल श्रेणी के उत्थान से जोड़ा।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने 10 जुलाई 2025 को बताया कि उसके स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ के वैज्ञानिकों ने पाया कि आज ठंडी भूमध्यसागरीय जलवायु वाली कश्मीर घाटी कभी गर्म, आर्द्र और उपोष्णकटिबंधीय थी। दिवंगत प्रो. बीरबल साहनी और डॉ. जी.एस. पुरी द्वारा संग्रहित करेवा तलछट के लगभग 40 लाख वर्ष पुराने पत्ती जीवाश्मों का अध्ययन कर डॉ. हर्षिता भाटिया, डॉ. रेयाज़ अहमद डार और डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने इस बदलाव को पीर पंजाल श्रेणी के विवर्तनिक उत्थान से जोड़ा, जिसने भारतीय ग्रीष्म मानसून को घाटी तक पहुँचने से रोक दिया। टीम ने CLAMP (क्लाइमेट लीफ़ एनालिसिस मल्टीवेरिएट प्रोग्राम) और सह-अस्तित्व पद्धति का उपयोग किया, और अध्ययन Palaeogeography, Palaeoclimatology, Palaeoecology पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- BSIP, लखनऊ
- जीवाश्म
- लगभग 40 लाख वर्ष पुराने, करेवा तलछट
- कारण
- पीर पंजाल श्रेणी का उत्थान
- पद्धति
- CLAMP
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
कश्मीर की प्राचीन जलवायु जानने के लिए करेवा पत्ती जीवाश्मों का अध्ययन किस संस्थान के वैज्ञानिकों ने किया (जुलाई 2025 में रिपोर्ट)?
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सही उत्तर: D — बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान, लखनऊ
DST: अध्ययन बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ के शोधकर्ताओं ने किया।
BSIP अध्ययन ने कश्मीर की जलवायु में बदलाव को किस पर्वत श्रेणी के उत्थान से जोड़ा, जिसने ग्रीष्म मानसून को रोक दिया?
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सही उत्तर: A — पीर पंजाल श्रेणी
DST: शोधकर्ताओं ने बदलाव को पीर पंजाल श्रेणी के विवर्तनिक उत्थान से जोड़ा, जिसने भारतीय ग्रीष्म मानसून को घाटी तक पहुँचने से रोका।
जीवाश्म पत्तियों के आकार, माप और किनारों से पुराने तापमान और वर्षा का अनुमान लगाने के लिए BSIP वैज्ञानिकों ने किस पद्धति का उपयोग किया?
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सही उत्तर: B — CLAMP (क्लाइमेट लीफ़ एनालिसिस मल्टीवेरिएट प्रोग्राम)
DST: CLAMP से वैज्ञानिकों ने जीवाश्म पत्तियों के आकार, माप और किनारों का अध्ययन कर तापमान और वर्षा पैटर्न निकाले और सह-अस्तित्व पद्धति से जाँचा।