BRO ने जम्मू-कश्मीर में 1956 में बनी जुड़वां सुरंग जवाहर टनल का नवीनीकरण किया; दिसंबर 2024 में जनता के लिए खुलेगी
21 नवंबर 2024 को सीमा सड़क संगठन ने बताया कि उसने जम्मू-कश्मीर में पीर पंजाल श्रेणी से गुज़रने वाली 1956 में बनी 2.5 किमी जुड़वां सुरंग जवाहर टनल का नवीनीकरण किया है, जो दिसंबर 2024 में जनता के लिए खुलेगी।
सारांश
21 नवंबर 2024 को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बताया कि उसने जम्मू-कश्मीर में 1956 में बनी 2.5 किमी लंबी जुड़वां सुरंग जवाहर टनल का व्यापक नवीनीकरण किया है, जो दिसंबर 2024 में जनता के लिए खुलेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित ₹62.5 करोड़ की लागत से EPC मोड में यह पुनर्वास कार्य BRO की प्रोजेक्ट बीकन ने लगभग एक वर्ष में पूरा किया, जिसमें सुरक्षा के लिए सिविल और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल उन्नयन शामिल थे। यह सुरंग ऐतिहासिक रूप से पीर पंजाल श्रेणी से होकर कश्मीर घाटी और लेह को शेष भारत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग रही है, और तेल टैंकरों जैसे उन वाहनों के लिए NH-44 का वैकल्पिक मार्ग है जिन्हें नई काज़ीगुंड-बनिहाल सुरंग से गुज़रने की अनुमति नहीं है।
मुख्य तथ्य
- सुरंग
- जवाहर टनल, J&K; 1956 में निर्मित; 2.5 किमी जुड़वां
- लागत
- ₹62.5 करोड़ (MoRTH), EPC मोड
- निष्पादन
- BRO प्रोजेक्ट बीकन, ~1 वर्ष
- पर्वत श्रेणी
- पीर पंजाल
- उद्घाटन
- दिसंबर 2024
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2024 में BRO द्वारा नवीनीकृत जम्मू-कश्मीर की जवाहर टनल किस पर्वत श्रेणी से होकर गुज़रती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — पीर पंजाल
PIB (रक्षा): जवाहर टनल ऐतिहासिक रूप से पीर पंजाल श्रेणी से होकर कश्मीर घाटी और लेह को शेष भारत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग रही है।
जम्मू-कश्मीर की जुड़वां सुरंग जवाहर टनल मूल रूप से किस वर्ष बनी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1956
PIB (रक्षा): BRO ने 1956 में बनी 2.5 किमी लंबी जुड़वां सुरंग जवाहर टनल का नवीनीकरण किया।