ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय बोर्ड ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को नए विषय के रूप में समर्थन दिया
शिक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शासी बोर्ड की वर्चुअल बैठक बुलाई; इससे पहले 20 जुलाई को पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर पहला ब्रिक्स NU सम्मेलन हुआ।
सारांश
ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शासी बोर्ड (IGB) की बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को वर्चुअल रूप से हुई, जो पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर ब्रिक्स NU सम्मेलन के एक दिन बाद हुई; यह ब्रिक्स NU ढांचे के तहत इस तरह का पहला सम्मेलन था। ब्रिक्स NU बोर्ड बैठक का उद्घाटन शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. के. एम. प्रफुल्लचंद्र शर्मा ने किया और आईआईटी बॉम्बे के डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध) प्रो. सुदर्शन कुमार ने नेटवर्क का परिचय दिया। पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को नए अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह के रूप में जोड़ने के प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला; बोर्ड ने कार्य योजना (2025–2028) की समीक्षा भी की।
मुख्य तथ्य
- IGB बैठक
- 21 जुलाई 2026, वर्चुअल
- सम्मेलन
- 20 जुलाई 2026 – पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियां
- उद्घाटन
- डॉ. के. एम. प्रफुल्लचंद्र शर्मा
- प्रस्ताव
- नया अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह
- कार्य योजना
- 2025–2028
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जुलाई 2026 में ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के तहत कौन-सा नया अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह प्रस्तावित किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियां
IGB ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को नए अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह के रूप में जोड़ने पर विचार किया; प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला।
जुलाई 2026 में अंतरराष्ट्रीय शासी बोर्ड ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय की किस कार्य योजना की समीक्षा की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 2025–2028
बोर्ड ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय कार्य योजना (2025–2028) की समीक्षा की।