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बोस संस्थान के अध्ययन में घनी आबादी वाली दिल्ली में हवा में रोगजनक बैक्टीरिया दोगुने पाए गए

PIB द्वारा 2 सितंबर 2025 को बताए गए बोस संस्थान के अध्ययन में पाया गया कि दिल्ली के घनी आबादी वाले हिस्सों में हवा में रोगजनक बैक्टीरिया दोगुने हैं, जो सूक्ष्म PM2.5 कणों पर सवार होकर फैलते हैं।

सारांश

PIB ने 2 सितंबर 2025 को बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान बोस संस्थान के वैज्ञानिकों ने पहली बार पाया है कि श्वसन, जठरांत्र, मुख और त्वचा संक्रमणों के लिए ज़िम्मेदार वायुजनित रोगजनक बैक्टीरिया दिल्ली के घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में दोगुने हैं। अध्ययन इसे PM2.5 की अधिक सांद्रता से जोड़ता है, जिसके सूक्ष्म कण बैक्टीरिया को फेफड़ों में गहराई तक ले जाते हैं। इसमें कहा गया है कि दिल्ली सिंधु-गंगा मैदान में स्थित है, जो दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले और प्रदूषित क्षेत्रों में से एक है, जहाँ सर्दियों में पश्चिमी विक्षोभ तापमान घटाकर और आर्द्रता बढ़ाकर प्रदूषकों को सतह के पास रोक देते हैं।

मुख्य तथ्य

सूचना
2 सितंबर 2025 (PIB)
संस्थान
बोस संस्थान (DST)
निष्कर्ष
घनी आबादी वाली दिल्ली में वायुजनित रोगजनक बैक्टीरिया 2 गुना
वाहक
PM2.5 कण
संक्रमण
श्वसन, जठरांत्र, मुख, त्वचा
क्षेत्र
सिंधु-गंगा मैदान

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

सितंबर 2025 में बताए गए किस संस्थान के अध्ययन में दिल्ली के घनी आबादी वाले हिस्सों में हवा में रोगजनक बैक्टीरिया दोगुने पाए गए?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — बोस संस्थान

यह अध्ययन DST के स्वायत्त संस्थान बोस संस्थान के वैज्ञानिकों ने किया।

Q2 उन्नत

बोस संस्थान के दिल्ली की हवा पर अध्ययन के अनुसार वायुजनित रोगजनक बैक्टीरिया मुख्यतः किस पर सवार होकर फैलते हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — PM2.5 कण

अध्ययन के अनुसार PM2.5 की अधिक सांद्रता से रोगजनक बैक्टीरिया अधिक थे, जिसके सूक्ष्म कण बैक्टीरिया को फेफड़ों में गहराई तक ले जाते हैं।

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