भगवान बिरसा मुंडा को बलिदान दिवस पर राष्ट्र की श्रद्धांजलि
9 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी और ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ उनके उलगुलान आंदोलन को याद किया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जून 2026 को 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा के लिए विदेशी शासन के ख़िलाफ़ उनके संघर्ष को याद किया, जबकि अमित शाह ने 'उलगुलान' आंदोलन के माध्यम से आज़ादी का शंखनाद करने का उल्लेख किया। 15 नवंबर 1875 को वर्तमान झारखंड के उलिहातु में जन्मे बिरसा मुंडा ने रांची में अंतिम सांस ली। उनकी जयंती, 15 नवंबर, को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2021 में जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 9 जून 2026 (बलिदान दिवस)
- आंदोलन
- उलगुलान
- जन्म
- 15 नवंबर 1875, उलिहातु (वर्तमान झारखंड)
- स्थैतिक
- 15 नवंबर = जनजातीय गौरव दिवस
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
भगवान बिरसा मुंडा, जिनका बलिदान दिवस 9 जून 2026 को मनाया गया, ने ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ किस आंदोलन का नेतृत्व किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — उलगुलान
बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ 'उलगुलान' (क्रांति) का आह्वान किया।
भगवान बिरसा मुंडा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को वर्तमान झारखंड के उलिहातु में हुआ। 2. उनकी जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाती है। 3. उन्होंने कोलकाता में अंतिम सांस ली। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
PIB के अनुसार कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: बिरसा मुंडा ने रांची में अंतिम सांस ली।