संसद ने बिल्स ऑफ लैडिंग विधेयक, 2025 पारित किया; 1856 का औपनिवेशिक कानून बदलेगा
21 जुलाई 2025 को मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा ने बिल्स ऑफ लैडिंग विधेयक, 2025 पारित किया, जिसे लोकसभा मार्च 2025 में पारित कर चुकी थी।
सारांश
राज्यसभा ने मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई 2025 को बिल्स ऑफ लैडिंग विधेयक, 2025 पारित किया, जिससे संसद में इसका पारित होना पूरा हुआ; लोकसभा इसे मार्च 2025 में पारित कर चुकी थी। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विधेयक प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह कानून 1856 के 169 वर्ष पुराने औपनिवेशिक अधिनियम का स्थान लेगा और वाहकों, शिपर्स तथा वैध धारकों के अधिकारों व दायित्वों को सरल भाषा में स्पष्ट करेगा। निरसन और व्यावृत्ति खंड पुराने अधिनियम के तहत की गई कार्रवाइयों की वैधता बनाए रखता है।
मुख्य तथ्य
- राज्यसभा
- 21 जुलाई 2025
- लोकसभा
- मार्च 2025
- प्रस्तुतकर्ता
- सर्बानंद सोनोवाल
- स्थान लेगा
- 1856 का अधिनियम
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जुलाई 2025 में संसद द्वारा पारित बिल्स ऑफ लैडिंग विधेयक, 2025 किस वर्ष के औपनिवेशिक कानून का स्थान लेता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1856
PIB (पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय): अधिनियमित होने पर विधेयक 1856 के 169 वर्ष पुराने औपनिवेशिक अधिनियम का स्थान लेगा।
21 जुलाई 2025 को राज्यसभा में बिल्स ऑफ लैडिंग विधेयक, 2025 किसने प्रस्तुत किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — सर्बानंद सोनोवाल
PIB: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में विधेयक प्रस्तुत किया; लोकसभा इसे मार्च 2025 में पारित कर चुकी थी।