BHASHINI और IISc बेंगलुरु ने तमिलनाडु की अल्पसंख्यक भाषा सौराष्ट्र के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल विकसित किए
16 अक्टूबर 2026 को MeitY ने बताया कि डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन और IISc बेंगलुरु ने तमिलनाडु में मुख्य रूप से सौराष्ट्र समुदाय द्वारा बोली जाने वाली अल्पसंख्यक इंडो-आर्यन भाषा सौराष्ट्र के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल विकसित किए हैं।
सारांश
MeitY के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के साथ मिलकर सौराष्ट्र भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच (TTS) मॉडल विकसित किए हैं; यह मुख्यतः तमिलनाडु में बोली जाने वाली अल्पसंख्यक इंडो-आर्यन भाषा है। चार मॉडल तमिल लिपि और सौराष्ट्र लिपि दोनों में लिखे पाठ के लिए पुरुष और महिला आवाज़ देते हैं और IISc की SPIRE लैब में बने 28+ घंटे के भाषण कॉर्पस पर प्रशिक्षित हैं। SPICOR TTS 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस भाषिणी के AIKOSH प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। जनगणना 2011 के अनुसार सौराष्ट्र लगभग 2.48 लाख लोग बोलते हैं।
मुख्य तथ्य
- भाषा
- सौराष्ट्र – अल्पसंख्यक इंडो-आर्यन भाषा, मुख्यतः तमिलनाडु में
- विकसितकर्ता
- डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (MeitY) और IISc बेंगलुरु
- मॉडल
- 4 TTS मॉडल – पुरुष व महिला आवाज़, तमिल व सौराष्ट्र लिपि
- आर्किटेक्चर
- VITS
- प्रशिक्षण डेटा
- IISc की SPIRE लैब का 28+ घंटे का भाषण कॉर्पस
- डेटा प्लेटफॉर्म
- AIKOSH (SPICOR TTS 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस)
- वक्ता
- लगभग 2.48 लाख (जनगणना 2011)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में भाषिणी और IISc बेंगलुरु ने मुख्यतः तमिलनाडु में बोली जाने वाली किस अल्पसंख्यक भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल विकसित किए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — सौराष्ट्र
नए TTS मॉडलों में प्रयुक्त सौराष्ट्र भाषण कॉर्पस (SPICOR TTS 3.0) भाषिणी के किस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — AIKOSH