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रेलवे ने लौह अयस्क गलियारे पर ₹122 करोड़ की बड़बिल–बोलानीखदान दोहरीकरण परियोजना मंजूर की

28 सितंबर 2026 को भारतीय रेल ने दक्षिण पूर्व रेलवे की 6 किमी लंबी बड़बिल–बोलानीखदान दोहरीकरण परियोजना को ₹122 करोड़ की लागत से मंजूरी दी।

सारांश

'ऊर्जा, खनिज और सीमेंट गलियारे' का हिस्सा यह एकल-लाइन खंड SAIL की बोलानी खदानों और निजी साइडिंग से इस्पात संयंत्रों और बंदरगाहों तक लगभग 9 MTPA उच्च-ग्रेड लौह अयस्क और पेलेट ले जाता है। दोहरीकरण से SAIL के खदान विस्तार से पहले 8.9 MTPA अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी और देरी कम होगी।

मुख्य तथ्य

परियोजना
बड़बिल–बोलानीखदान दोहरीकरण, 6 किमी, दक्षिण पूर्व रेलवे
लागत
₹122 करोड़
गलियारा
ऊर्जा, खनिज और सीमेंट गलियारा
मौजूदा यातायात
लगभग 9 MTPA, लौह अयस्क व पेलेट (SAIL बोलानी खदान)
अतिरिक्त क्षमता
8.9 MTPA

अभ्यास MCQ 1 प्रश्न

Q1 उन्नत

सितंबर 2026 में स्वीकृत बड़बिल–बोलानीखदान दोहरीकरण परियोजना मुख्य रूप से किस वस्तु की ढुलाई के लिए है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — लौह अयस्क और पेलेट

यह खंड SAIL की बोलानी खदानों और निजी साइडिंग से इस्पात संयंत्रों और बंदरगाहों तक उच्च-ग्रेड लौह अयस्क और पेलेट ले जाता है।

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