अटल पेंशन योजना का कुल सकल नामांकन 9 करोड़ के पार; वित्त वर्ष 2025–26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए ग्राहक
PFRDA द्वारा संचालित अटल पेंशन योजना ने 21 अप्रैल 2026 को 9 करोड़ कुल सकल नामांकन का आँकड़ा पार किया; वित्त वर्ष 2025–26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नामांकन हुए।
सारांश
वित्त मंत्रालय के अनुसार अटल पेंशन योजना (APY) का कुल सकल नामांकन 21 अप्रैल 2026 को 9 करोड़ ग्राहकों के पार पहुँच गया। APY का संचालन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) करता है। वित्त वर्ष 2025–26 में सकल नामांकन 1.35 करोड़ से अधिक रहा, जो योजना की शुरुआत के बाद किसी एक वित्त वर्ष में सर्वाधिक है। 9 मई 2015 को शुरू हुई APY एक स्वैच्छिक, अंशदायी पेंशन योजना है, जो मुख्य रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है। यह 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीशुदा मासिक पेंशन देती है, ग्राहक की मृत्यु के बाद वही पेंशन जीवनसाथी को मिलती है, और दोनों की मृत्यु के बाद 60 वर्ष तक जमा राशि नामित व्यक्ति को लौटाई जाती है। 18 से 40 वर्ष के भारतीय नागरिक इसमें शामिल हो सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- उपलब्धि
- 9 करोड़ कुल सकल नामांकन, 21 अप्रैल 2026
- वित्त वर्ष 2025–26
- 1.35 करोड़ से अधिक सकल नामांकन — एक वर्ष में सर्वाधिक
- संचालक
- PFRDA
- शुरुआत
- 9 मई 2015
- पेंशन
- 60 वर्ष के बाद ₹1,000–₹5,000 मासिक गारंटीशुदा
- प्रवेश आयु
- 18 से 40 वर्ष
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
अप्रैल 2026 में 9 करोड़ सकल नामांकन पार करने वाली अटल पेंशन योजना का संचालन कौन-सी संस्था करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — PFRDA
APY का संचालन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) करता है।
अटल पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष के बाद गारंटीशुदा मासिक पेंशन की सीमा क्या है?
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सही उत्तर: A — ₹1,000 से ₹5,000
APY 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की मासिक पेंशन की गारंटी देती है।
अटल पेंशन योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 9 मई 2015 को शुरू हुई और 18 से 40 वर्ष के भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। 2. ग्राहक और जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद 60 वर्ष तक जमा राशि नामित व्यक्ति को लौटाई जाती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं: APY 9 मई 2015 को 18–40 वर्ष के नागरिकों के लिए शुरू हुई, और दोनों की मृत्यु के बाद जमा राशि नामित व्यक्ति को मिलती है।