एएसयूएसई 2023-24: असंगठित प्रतिष्ठान बढ़कर 7.34 करोड़; प्रति श्रमिक जीवीए ₹1,49,742
सांख्यिकी मंत्रालय ने 24 दिसंबर 2024 को असंगठित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) 2023-24 के परिणाम जारी किए, जिनमें 7.34 करोड़ प्रतिष्ठान दर्ज हुए।
सारांश
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 24 दिसंबर 2024 को अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 की संदर्भ अवधि वाले असंगठित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) 2023-24 के परिणाम जारी किए। असंगठित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की संख्या 2022-23 के 6.50 करोड़ से बढ़कर 7.34 करोड़ हो गई, जिसमें 'अन्य सेवाएं' क्षेत्र 23.55% बढ़ा। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वर्तमान कीमतों पर 16.52% बढ़ा और प्रति श्रमिक जीवीए ₹1,41,769 से बढ़कर ₹1,49,742 हो गया। इस क्षेत्र में 12 करोड़ से अधिक श्रमिक कार्यरत थे और इंटरनेट का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों का हिस्सा 21.1% से बढ़कर 26.7% हो गया। एएसयूएसई निर्माण को छोड़कर विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाओं को कवर करता है।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 24 दिसंबर 2024, सांख्यिकी मंत्रालय
- संदर्भ अवधि
- अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024
- प्रतिष्ठान
- 7.34 करोड़ (2022-23 में 6.50 करोड़); अन्य सेवाएं +23.55%
- जीवीए
- वर्तमान कीमतों पर +16.52%
- प्रति श्रमिक जीवीए
- ₹1,49,742 (2022-23 में ₹1,41,769)
- श्रमिक
- 12 करोड़ से अधिक
- इंटरनेट उपयोग
- 26.7% प्रतिष्ठान (2022-23 में 21.1%)
- कवरेज
- विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाएं; निर्माण शामिल नहीं
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
24 दिसंबर 2024 को जारी एएसयूएसई 2023-24 के अनुसार भारत में असंगठित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की संख्या कितनी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 7.34 करोड़
पीआईबी (सांख्यिकी मंत्रालय): प्रतिष्ठानों की संख्या 2022-23 के 6.50 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 7.34 करोड़ हो गई।
एएसयूएसई 2023-24 के अनुसार वर्तमान कीमतों पर असंगठित क्षेत्र में प्रति श्रमिक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹1,49,742
पीआईबी (सांख्यिकी मंत्रालय): प्रति श्रमिक जीवीए 2022-23 के ₹1,41,769 से बढ़कर 2023-24 में ₹1,49,742 हो गया; ₹1,38,207 2021-22 का आंकड़ा है और ₹2,45,687 प्रति प्रतिष्ठान जीवीए है।
एएसयूएसई 2023-24 के अनुसार कितने प्रतिशत असंगठित प्रतिष्ठान इंटरनेट का उपयोग कर रहे थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 26.7%
पीआईबी (सांख्यिकी मंत्रालय): इंटरनेट का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत 2022-23 के 21.1% से बढ़कर एएसयूएसई 2023-24 में 26.7% हो गया।