असम के मुख्यमंत्री ने 1671 के सरायघाट युद्ध के 132 योद्धाओं के स्मारक 'सरायघाट रण स्मृतिसौध' का उद्घाटन किया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 4 मार्च 2026 को गुवाहाटी के पानबाज़ार में 1671 के सरायघाट युद्ध की याद में बने युद्ध स्मारक 'सरायघाट रण स्मृतिसौध' का उद्घाटन किया।
सारांश
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 4 मार्च 2026 को गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र के तट पर पानबाज़ार में सरायघाट युद्ध की याद में बने युद्ध स्मारक 'सरायघाट रण स्मृतिसौध' का उद्घाटन किया। पारंपरिक अहोम स्थापत्य शैली में बने इस स्मारक पर मुग़ल सेना से असम की रक्षा करने वाले 132 योद्धाओं के नाम उकेरे गए हैं। सरायघाट का युद्ध 1671 में अहोम सेनापति लाचित बरफुकन के नेतृत्व में लड़ा गया था, और टाइम्स ऑफ इंडिया इसे ब्रह्मपुत्र पर हुई नौसैनिक लड़ाई बताता है जिसने असम में मुग़ल विस्तार रोका। मुख्यमंत्री ने रिवरफ्रंट परियोजना के तीसरे चरण में ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट पार्क विस्तार की आधारशिला भी रखी।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 4 मार्च 2026, पानबाज़ार, गुवाहाटी (ब्रह्मपुत्र तट)
- उद्घाटन
- मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
- स्मारक
- सरायघाट रण स्मृतिसौध; पारंपरिक अहोम शैली
- सम्मान
- 132 योद्धा, नाम उकेरे गए
- युद्ध
- सरायघाट, 1671; अहोम सेनापति लाचित बरफुकन बनाम मुग़ल
- साथ में
- ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट पार्क विस्तार (तीसरा चरण) की आधारशिला
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
4 मार्च 2026 को गुवाहाटी में उद्घाटित सरायघाट रण स्मृतिसौध किस वर्ष लड़े गए युद्ध की याद में है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1671
यह स्मारक 1671 में अहोम सेनापति लाचित बरफुकन के नेतृत्व में लड़े गए सरायघाट युद्ध के योद्धाओं को समर्पित है।
गुवाहाटी के सरायघाट रण स्मृतिसौध पर कितने योद्धाओं के नाम उकेरे गए हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 132
पानबाज़ार में पारंपरिक अहोम शैली में बने स्मारक पर 132 योद्धाओं के नाम उकेरे गए हैं।
सरायघाट युद्ध के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अहोम सेना का नेतृत्व लाचित बरफुकन ने किया था। 2. यह युद्ध मुग़ल सेना के विरुद्ध ब्रह्मपुत्र पर लड़ी गई नौसैनिक लड़ाई थी। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं: इंडिया टुडे NE और टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार 1671 के युद्ध का नेतृत्व अहोम सेनापति लाचित बरफुकन ने किया, और टाइम्स ऑफ इंडिया इसे ब्रह्मपुत्र पर नौसैनिक लड़ाई बताता है जिसने मुग़ल विस्तार रोका।