असम मंत्रिमंडल ने 'श्रद्धांजलि' योजना और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को SEBC दर्जा मंज़ूर किया
22 जून 2025 को असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में असम मंत्रिमंडल ने राज्य से बाहर मृत असम निवासियों के शव वापस लाने की 'श्रद्धांजलि' योजना मंज़ूर की और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग घोषित किया।
सारांश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में असम मंत्रिमंडल ने 22 जून 2025 को राज्य से बाहर मरने वाले असम निवासियों के शवों के विधिसम्मत और सम्मानजनक परिवहन के लिए 'श्रद्धांजलि' योजना मंज़ूर की। 1 अक्टूबर 2025 से लागू यह योजना मुख्यतः कम वेतन वाली नौकरियों में लगे युवाओं और दुर्घटना या हत्या जैसी विशेष परिस्थितियों में हुई मौतों पर लागू होगी, पर इलाज के दौरान हुई मौतों पर नहीं; असम पुलिस की विशेष शाखा इसकी नोडल एजेंसी है। मंत्रिमंडल ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC) भी घोषित किया, जिसका लाभ केवल असम के मूल निवासियों को मिलेगा। SEBC का यह निर्णय (स्थैतिक) सर्वोच्च न्यायालय के 2014 के NALSA बनाम भारत संघ फ़ैसले के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
- योजना
- श्रद्धांजलि
- लागू
- 1 अक्टूबर 2025
- अपवाद
- इलाज के दौरान मृत्यु
- नोडल एजेंसी
- असम पुलिस की विशेष शाखा
- ट्रांसजेंडर
- SEBC घोषित
- आधार (स्थैतिक)
- 2014 NALSA फ़ैसला
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
राज्य से बाहर मरने वाले असम निवासियों के शव वापस लाने के लिए 22 जून 2025 को असम मंत्रिमंडल द्वारा मंज़ूर योजना का नाम क्या है?
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सही उत्तर: B — श्रद्धांजलि
द हिल्स टाइम्स / इंडिया टुडे NE: असम मंत्रिमंडल ने राज्य से बाहर मरने वाले असम निवासियों के शवों के सम्मानजनक परिवहन के लिए 'श्रद्धांजलि' योजना मंज़ूर की।
असम की 'श्रद्धांजलि' योजना किस तिथि से लागू होगी?
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सही उत्तर: C — 1 अक्टूबर 2025
द हिल्स टाइम्स: योजना 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगी।
असम की 'श्रद्धांजलि' योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. असम पुलिस की विशेष शाखा इसकी नोडल एजेंसी है। 2. योजना असम से बाहर इलाज के दौरान हुई मौतों को भी शामिल करती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
द हिल्स टाइम्स / इंडिया टुडे NE: असम पुलिस की विशेष शाखा नोडल एजेंसी है; योजना असम से बाहर इलाज के दौरान हुई मौतों पर लागू नहीं होती। अतः केवल 1।
22 जून 2025 को असम सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC) घोषित किया। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के 2014 के किस फ़ैसले पर आधारित है?
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सही उत्तर: D — NALSA बनाम भारत संघ
इंडिया टुडे NE: यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के 2014 के NALSA बनाम भारत संघ फ़ैसले पर आधारित है, जिसने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया।