असम मंत्रिमंडल ने ग्वालपाड़ा के कुमारी और धामर बील को प्रस्तावित आरक्षित वन घोषित किया
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में 18 दिसंबर 2025 को दिसपुर में असम मंत्रिमंडल ने ग्वालपाड़ा ज़िले के कुमारी बील और धामर बील को प्रस्तावित आरक्षित वन घोषित करने को मंज़ूरी दी।
सारांश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में 18 दिसंबर 2025 को दिसपुर के लोक सेवा भवन में असम मंत्रिमंडल ने जैव विविधता संरक्षण के लिए ग्वालपाड़ा ज़िले के कुमारी बील (270 हेक्टेयर) और धामर बील (337 हेक्टेयर) को असम वन विनियमन, 1891 के तहत प्रस्तावित आरक्षित वन घोषित करने को मंज़ूरी दी। असम मंत्रिमंडल ने नामरूप अमोनिया-यूरिया परियोजना के लिए भूमि को भी मंज़ूरी दी और धेमाजी ज़िले के कारेंग चापोरी में नए CRPF ग्रुप सेंटर के लिए 607 बीघा भूमि हस्तांतरित की।
मुख्य तथ्य
- तारीख और स्थान
- 18 दिसंबर 2025, दिसपुर
- आर्द्रभूमियाँ
- कुमारी बील (270 हे.) और धामर बील (337 हे.), ग्वालपाड़ा ज़िला
- क़ानून
- असम वन विनियमन, 1891
- अन्य निर्णय
- नामरूप अमोनिया-यूरिया परियोजना के लिए भूमि; धेमाजी में CRPF ग्रुप सेंटर हेतु 607 बीघा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
18 दिसंबर 2025 को असम मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित आरक्षित वन के रूप में स्वीकृत कुमारी बील और धामर बील किस ज़िले में हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ग्वालपाड़ा
न्यूज़ लाइव और इकोनॉमिक टाइम्स: दोनों बील ग्वालपाड़ा ज़िले में हैं।
असम मंत्रिमंडल ने किस क़ानून के तहत कुमारी बील और धामर बील को प्रस्तावित आरक्षित वन घोषित करने को मंज़ूरी दी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — असम वन विनियमन, 1891
न्यूज़ लाइव और इकोनॉमिक टाइम्स: घोषणा असम वन विनियमन, 1891 के संबंधित प्रावधानों के तहत है।