ASI की पुनर्जीवित जलमग्न पुरातत्व शाखा ने तीन महिला पुरातत्वविदों के साथ द्वारका, गुजरात में अन्वेषण शुरू किया
संस्कृति मंत्रालय ने 18 फ़रवरी 2025 को बताया कि प्रो. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पाँच सदस्यीय टीम ने गुजरात के द्वारका तट पर गोमती क्रीक के पास जलमग्न अन्वेषण शुरू किया।
सारांश
संस्कृति मंत्रालय ने 18 फ़रवरी 2025 को बताया कि अपर महानिदेशक (पुरातत्व) प्रो. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में ASI के पाँच पुरातत्वविदों की टीम ने द्वारका तट पर जलमग्न अन्वेषण शुरू किया है, जिसकी शुरुआत गोमती क्रीक के पास से हुई। पाँच में से तीन महिलाएँ हैं, जिसे मंत्रालय ने ASI में पहली बार बताया। यह कार्य ASI की पुनर्जीवित जलमग्न पुरातत्व शाखा का हिस्सा है, जो द्वारका और बेट द्वारका का सर्वेक्षण करेगी; यह शाखा 1980 के दशक से कार्यरत है और पहले 2005 से 2007 तक द्वारका में उत्खनन कर चुकी है, जब मूर्तियाँ और पत्थर के लंगर मिले थे।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 18 फ़रवरी 2025
- स्थान
- द्वारका तट, गोमती क्रीक के पास, गुजरात
- टीम
- ASI के पाँच पुरातत्वविद, जिनमें तीन महिलाएँ
- नेतृत्व
- प्रो. आलोक त्रिपाठी, अपर महानिदेशक (पुरातत्व)
- पहले का कार्य
- द्वारका में 2005-2007 के दौरान अपतटीय और तटवर्ती उत्खनन (मूर्तियाँ, पत्थर के लंगर)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
फ़रवरी 2025 में ASI की जलमग्न पुरातत्व शाखा ने द्वारका तट पर किस क्रीक के पास प्रारंभिक जाँच शुरू की?
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सही उत्तर: D — गोमती क्रीक
टीम ने द्वारका तट पर प्रारंभिक जलमग्न जाँच के लिए गोमती क्रीक के पास का क्षेत्र चुना।
फ़रवरी 2025 में द्वारका तट पर जलमग्न अन्वेषण शुरू करने वाली ASI टीम का नेतृत्व किसने किया?
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सही उत्तर: A — प्रो. आलोक त्रिपाठी
पाँच सदस्यीय टीम का नेतृत्व अपर महानिदेशक (पुरातत्व) प्रो. आलोक त्रिपाठी ने किया; एच.के. नायक और डॉ. अपराजिता शर्मा टीम के सदस्य थे।
ASI की जलमग्न पुरातत्व शाखा ने पहले किस अवधि में द्वारका में अपतटीय और तटवर्ती उत्खनन किया था?
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सही उत्तर: A — 2005 से 2007
शाखा ने 2005 से 2007 तक द्वारका में अपतटीय और तटवर्ती उत्खनन किया था, जब मूर्तियाँ और पत्थर के लंगर मिले थे।