रेल मंत्री ने ज़ोनों की समीक्षा की, यात्री अनुभव और अंडरपास को प्राथमिकता
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 अप्रैल 2026 को रेल भवन में देशव्यापी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और फ़ुट ओवरब्रिज की तुलना में अंडरपास को प्राथमिकता तथा रेलवे भूमि अतिक्रमण पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा।
सारांश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 अप्रैल 2026 को रेल भवन, नई दिल्ली में देश भर के रेलवे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि ग़रीब और मध्यम वर्ग को अच्छा यात्रा अनुभव देना भारतीय रेल की सर्वोच्च प्राथमिकता है, दुर्घटनाओं में ऐतिहासिक कमी, रिकॉर्ड माल लदान और त्योहारों की विशेष ट्रेनों के लिए कर्मचारियों को बधाई दी, और कहा कि स्टेशन भारतीय रेल का चेहरा हैं और उन्हें साफ़ रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पटरियाँ पार करने के लिए फ़ुट ओवरब्रिज की तुलना में सुविधाजनक अंडरपास (पुलिया) को प्राथमिकता देने, व्यस्त समय में भीड़ प्रबंधन सुधारने, और रेलवे भूमि अतिक्रमण के मामलों को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाने का निर्देश दिया ताकि आजीविका प्रभावित न हो।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 3 अप्रैल 2026, रेल भवन, नई दिल्ली
- प्राथमिकता
- ग़रीब और मध्यम वर्ग का यात्रा अनुभव
- निर्देश
- फ़ुट ओवरब्रिज की जगह अंडरपास (पुलिया) को प्राथमिकता
- अतिक्रमण
- मानवीय दृष्टिकोण; आजीविका की रक्षा
- स्टेशन
- 'भारतीय रेल का चेहरा' — स्वच्छता
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
3 अप्रैल 2026 की समीक्षा बैठक में रेल मंत्री ने पटरियाँ पार करने के लिए अधिकारियों को किसे प्राथमिकता देने का निर्देश दिया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — फ़ुट ओवरब्रिज की जगह सुविधाजनक अंडरपास (पुलिया)
अश्विनी वैष्णव ने फ़ुट ओवरब्रिज की तुलना में सुविधाजनक और सुलभ अंडरपास (पुलिया) को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
3 अप्रैल 2026 की रेल मंत्री की समीक्षा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने अधिकारियों से रेलवे भूमि अतिक्रमण को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाने को कहा ताकि आजीविका प्रभावित न हो। 2. उन्होंने रेलवे स्टेशनों को भारतीय रेल का चेहरा बताया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
रेल मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों सही हैं।