स्ट्रिंग सिद्धांतकार अशोक सेन ऑस्कर क्लेन पदक पाने वाले पहले भारतीय बने
ICTS बेंगलुरु के भौतिक विज्ञानी अशोक सेन को स्टॉकहोम विश्वविद्यालय और भौतिकी नोबेल समिति द्वारा दिया जाने वाला 2026 का ऑस्कर क्लेन पदक मिला, जिससे वे इसे पाने वाले पहले भारतीय बने; उन्होंने 22 अक्टूबर 2026 को स्टॉकहोम में ऑस्कर क्लेन स्मृति व्याख्यान दिया।
सारांश
इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल साइंसेज (ICTS), बेंगलुरु ने 22 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि प्रो. अशोक सेन को 2026 का ऑस्कर क्लेन पदक दिया गया है, जिससे वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय भौतिक विज्ञानी बने। स्वीडिश भौतिक विज्ञानी ऑस्कर क्लेन के नाम पर यह पदक 1988 से हर वर्ष स्टॉकहोम विश्वविद्यालय और रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की भौतिकी नोबेल समिति द्वारा दिया जाता है। ICTS-इन्फोसिस माधव चेयर प्रोफेसर सेन S-द्वैतता, ब्लैक होल एन्ट्रॉपी की सटीक गणना और स्ट्रिंग क्षेत्र सिद्धांत पर अग्रणी कार्य के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 22 अक्टूबर को स्टॉकहोम विश्वविद्यालय के अल्बानोवा सेंटर में 'Gravity from Strings and Strings from Gravity' शीर्षक से 2026 ऑस्कर क्लेन स्मृति व्याख्यान दिया। उनके पूर्व सम्मानों में ब्रेकथ्रू प्राइज़ इन फंडामेंटल फिज़िक्स (2012) और डिराक पदक (2014) शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- पुरस्कृत
- प्रो. अशोक सेन, ICTS-इन्फोसिस माधव चेयर प्रोफेसर, ICTS बेंगलुरु
- पुरस्कार
- ऑस्कर क्लेन पदक 2026 (पहले भारतीय)
- प्रदाता
- स्टॉकहोम विश्वविद्यालय और भौतिकी नोबेल समिति, रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज
- कब से
- 1988 से, प्रतिवर्ष
- व्याख्यान
- 'Gravity from Strings and Strings from Gravity', अल्बानोवा सेंटर, 22 अक्टूबर 2026
- प्रसिद्धि
- S-द्वैतता, ब्लैक होल एन्ट्रॉपी गणना, स्ट्रिंग क्षेत्र सिद्धांत
- पूर्व सम्मान
- ब्रेकथ्रू प्राइज़ 2012, डिराक पदक 2014, पद्म भूषण 2013
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में ऑस्कर क्लेन पदक पाने वाले पहले भारतीय भौतिक विज्ञानी कौन बने?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अशोक सेन
2026 में अशोक सेन को मिला ऑस्कर क्लेन पदक स्टॉकहोम विश्वविद्यालय किस संस्था के साथ मिलकर देता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की भौतिकी नोबेल समिति