ARIES के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने एक दशक तक ब्लेज़र OJ 287 के द्वि-अतिविशाल ब्लैक होल पर नज़र रखी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 6 अक्टूबर 2026 को बताया कि ARIES, नैनीताल द्वारा समन्वित और 18 देशों के 106 वैज्ञानिकों के अध्ययन ने 2015 से 2025 तक ब्लेज़र OJ 287 का अवलोकन किया; लगभग 4 अरब प्रकाश वर्ष दूर इस पिंड में दो अतिविशाल ब्लैक होल 12 वर्ष की कक्षा में घूमते हैं।
सारांश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल द्वारा समन्वित एक बहु-संस्थागत अध्ययन ने दस वर्षों तक ब्लेज़र OJ 287 की चमक और रंग में बदलाव पर नज़र रखी, DST ने 6 अक्टूबर 2026 को बताया। पृथ्वी से लगभग 4 अरब प्रकाश वर्ष दूर OJ 287 में दो अतिविशाल ब्लैक होल 12 वर्ष के चक्र में एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं, जिससे दोहरे शिखर वाले विस्फोट होते हैं; यह पैटर्न 1988 में फ़िनलैंड के वैज्ञानिकों ने खोजा था। ARIES के डॉ. आलोक सी. गुप्ता के नेतृत्व में 18 देशों और 48 संस्थानों के 106 वैज्ञानिकों ने 2015 से 2025 तक लगभग दो दर्जन दूरबीनों का उपयोग किया और केंद्रीय ब्लैक होल का द्रव्यमान कम से कम 3.89 अरब सौर द्रव्यमान आंका।
मुख्य तथ्य
- पिंड
- OJ 287 – द्वि-अतिविशाल ब्लैक होल प्रणाली वाला ब्लेज़र
- दूरी
- लगभग 4 अरब प्रकाश वर्ष
- कक्षा
- दोनों ब्लैक होल लगभग 12 वर्ष में परिक्रमा (दोहरे शिखर वाले विस्फोट)
- समन्वयक संस्थान
- ARIES, नैनीताल (DST का स्वायत्त संस्थान)
- प्रमुख वैज्ञानिक
- डॉ. आलोक सी. गुप्ता
- टीम
- 106 वैज्ञानिक, 18 देश, 48 संस्थान
- अवलोकन अवधि
- 2015–2025, लगभग दो दर्जन दूरबीनें
- केंद्रीय ब्लैक होल द्रव्यमान
- कम से कम 3.89 अरब सौर द्रव्यमान
- आवर्तिता की खोज
- 1988, फ़िनलैंड के वैज्ञानिक
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में DST द्वारा घोषित ब्लेज़र OJ 287 के दशक भर के अध्ययन का समन्वय किस भारतीय संस्थान ने किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल
ARIES के नेतृत्व वाली टीम द्वारा अध्ययन किए गए OJ 287 में दो अतिविशाल ब्लैक होल लगभग कितने वर्ष के चक्र में एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 12 वर्ष