AI ने कोडाइकनाल के 100 साल के हाथ से बने सूर्य चार्ट पढ़कर चमकीले सौर क्षेत्रों का पता लगाया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को बताया कि ARIES के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने कोडाइकनाल सौर वेधशाला के हाथ से बने सूर्य चार्ट पर मशीन लर्निंग लगाकर 1916 से 2007 तक चुंबकीय रूप से सक्रिय सौर प्लेज का पता लगाया।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) के दिब्य कीर्ति मिश्रा के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से 1916 से 2007 (सौर चक्र 15 से 23) तक सूर्य पर चुंबकीय रूप से सक्रिय पैच (प्लेज) के खिसकाव का पता लगाया। टीम ने कोडाइकनाल सौर वेधशाला (KoSO) के 1904 से 2022 तक के हाथ से बने दैनिक सूर्य चार्ट पर U-Net आधारित मशीन लर्निंग मॉडल लगाया और प्लेज क्षेत्र का समय-अक्षांश 'तितली' मानचित्र बनाया। सहयोगियों में IIST तिरुवनंतपुरम, अमेरिका का साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (बोल्डर) और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु शामिल थे।
मुख्य तथ्य
- प्रमुख संस्थान
- ARIES
- डेटा
- KoSO सूर्य चार्ट, 1904-2022
- अवधि
- 1916-2007 (सौर चक्र 15-23)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
कोडाइकनाल सौर वेधशाला के 100 साल के सूर्य चार्ट पर AI लगाने वाले 2026 के अध्ययन का नेतृत्व किस संस्थान के शोधकर्ताओं ने किया?
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सही उत्तर: B — आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान
अध्ययन का नेतृत्व DST के स्वायत्त संस्थान ARIES के दिब्य कीर्ति मिश्रा ने किया; IIA बेंगलुरु सहयोगियों में था।
कोडाइकनाल सूर्य चार्ट के AI अध्ययन (जुलाई 2026) में चुंबकीय रूप से सक्रिय सौर पैच (प्लेज) का खिसकाव किस अवधि में ट्रैक किया गया?
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सही उत्तर: D — 1916 से 2007
प्लेज 1916 से 2007 (सौर चक्र 15-23) तक ट्रैक किए गए; KoSO सूर्य चार्ट स्वयं 1904 से 2022 तक के हैं।