सरकार ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा स्पष्ट की: स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर, 500 मीटर के भीतर की पहाड़ियाँ श्रृंखला
सरकार ने 21 दिसंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 20 नवंबर 2025 को स्वीकृत अरावली पहाड़ियों और श्रृंखला की एकसमान परिभाषा स्पष्ट की, जिसके तहत स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या अधिक ऊँची भू-आकृतियाँ अरावली पहाड़ियाँ हैं।
सारांश
सर्वोच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2025 के फ़ैसले में स्वीकृत अरावली पहाड़ियों की परिभाषा को 21 दिसंबर 2025 को जारी PIB बैकग्राउंडर में स्पष्ट किया गया। पर्यावरण मंत्रालय के नेतृत्व वाली समिति की अनुशंसित परिभाषा के तहत अरावली ज़िलों में स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या अधिक ऊँची कोई भी भू-आकृति, अपनी सहायक ढलानों सहित, अरावली पहाड़ी है, और एक-दूसरे से 500 मीटर के भीतर स्थित दो या अधिक ऐसी पहाड़ियाँ अरावली श्रृंखला बनाती हैं। अरावली परिभाषा राजस्थान के 9 जनवरी 2006 से लागू मानदंड पर आधारित है, और सर्वोच्च न्यायालय ने पर्यावरण मंत्रालय को ICFRE के माध्यम से पूरी अरावली के लिए सतत खनन प्रबंधन योजना तैयार करने का निर्देश दिया है, तब तक नए पट्टों पर अंतरिम रोक रहेगी।
मुख्य तथ्य
- बैकग्राउंडर
- 21 दिसंबर 2025
- SC फ़ैसला
- 20 नवंबर 2025; समिति SC के 9 मई 2024 के आदेश से गठित
- अरावली पहाड़ियाँ
- स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या अधिक ऊँची भू-आकृति, सहायक ढलानों सहित
- अरावली श्रृंखला
- एक-दूसरे से 500 मीटर के भीतर दो या अधिक ऐसी पहाड़ियाँ
- विस्तार
- दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात; 37 ज़िले
- खनन
- ICFRE के माध्यम से MPSM; नए पट्टों पर अंतरिम रोक
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
नवंबर 2025 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वीकृत परिभाषा के तहत अरावली ज़िलों में कोई भू-आकृति स्थानीय भू-स्तर से कितनी ऊँची होने पर 'अरावली पहाड़ी' है?
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सही उत्तर: B — 100 मीटर या अधिक
PIB 2207176: अरावली ज़िलों में स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या अधिक ऊँची कोई भी भू-आकृति अरावली पहाड़ी है। 500 मीटर श्रृंखला परिभाषित करने की दूरी है।
खनन विनियमन के लिए अरावली की औपचारिक परिभाषा वाला एकमात्र राज्य कौन-सा था, जिसकी परिभाषा 9 जनवरी 2006 से लागू है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — राजस्थान
PIB 2207176: केवल राजस्थान की औपचारिक परिभाषा थी, जो रिचर्ड मर्फी भू-आकृति वर्गीकरण पर आधारित उसकी 2002 की समिति रिपोर्ट से ली गई और 9 जनवरी 2006 से लागू है।
अरावली पर सर्वोच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2025 के फ़ैसले के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. एक-दूसरे से 500 मीटर के भीतर दो या अधिक अरावली पहाड़ियाँ अरावली श्रृंखला बनाती हैं। 2. पर्यावरण मंत्रालय को ICFRE के माध्यम से पूरी अरावली के लिए सतत खनन प्रबंधन योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। 3. योजना तैयार होने तक नए खनन पट्टों की अनुमति जारी रखी गई। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
PIB 2207176: श्रृंखला परिभाषा 500 मीटर निकटता पर आधारित है और न्यायालय ने ICFRE के माध्यम से MPSM का निर्देश दिया। MPSM तैयार होने तक नए पट्टों पर अंतरिम रोक लगाई गई, अतः कथन 3 गलत है।