SF Prep Notes

APEDA ने त्रिपुरा का 18 MT जैविक पारंपरिक चावल ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड भेजा

2 सितंबर 2026 को APEDA के सहयोग से त्रिपुरा की चार NPOP-प्रमाणित पारंपरिक चावल किस्मों की 18 मीट्रिक टन खेप को ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड निर्यात के लिए हरी झंडी दिखाई गई।

सारांश

त्रिपुरा के NPOP-प्रमाणित पारंपरिक चावल की 18 मीट्रिक टन की खेप को 2 सितंबर 2026 को ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड निर्यात के लिए हरी झंडी दिखाई गई, जिसमें कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने सहयोग किया। खेप में चार किस्में हैं: सुगंधित काली खासा, सुगंधित हरिनारायण, बिरोन (सफ़ेद चिपचिपा चावल) और मैमी हांगा (काला चावल)। चावल त्रिपुरा राज्य जैविक खेती विकास एजेंसी (TSOFDA) समर्थित किसान उत्पादक कंपनियों से एकत्र किया गया। किसानों को घरेलू बाज़ार की तुलना में 40% तक अधिक मूल्य मिलने की उम्मीद है।

मुख्य तथ्य

खेप
18 MT NPOP-प्रमाणित पारंपरिक चावल, 2 सितंबर 2026
गंतव्य
ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड
किस्में
काली खासा, हरिनारायण, बिरोन (सफ़ेद चिपचिपा), मैमी हांगा (काला)
सहयोग
APEDA
किसान लाभ
40% तक अधिक मूल्य

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

2 सितंबर 2026 को हरी झंडी दिखाया गया त्रिपुरा का NPOP-प्रमाणित पारंपरिक चावल किन देशों को निर्यात हुआ?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड

18 MT की खेप ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड निर्यात के लिए भेजी गई।

Q2 उन्नत

सितंबर 2026 की निर्यात खेप में त्रिपुरा की चार चावल किस्मों में से काला चावल कौन सा है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — मैमी हांगा

मैमी हांगा काला चावल है; बिरोन सफ़ेद चिपचिपा चावल है, और काली खासा तथा हरिनारायण सुगंधित किस्में हैं।

← सभी करंट अफेयर्स