APEDA ने NPOP के तहत जैविक कपास प्रमाणन पर आरोपों का खंडन किया
27 जुलाई 2025 को APEDA ने जैविक कपास प्रमाणन से जुड़े आरोपों का खंडन किया और बताया कि NPOP प्रमाणन तृतीय-पक्ष आधारित है तथा यूरोपीय आयोग और स्विट्ज़रलैंड द्वारा मान्य है।
सारांश
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 27 जुलाई 2025 को जैविक कपास प्रमाणन से जुड़े आरोपों का खंडन किया। राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) वाणिज्य विभाग ने 2001 में जैविक निर्यात के लिए शुरू किया था और APEDA इसका सचिवालय है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए ग्रोअर ग्रुप प्रमाणन 2005 में शुरू हुआ और जैविक उत्पादों के निर्यात के लिए तृतीय-पक्ष प्रमाणन अनिवार्य है। NPOP के फसल मानकों को यूरोपीय आयोग और स्विट्ज़रलैंड अपने मानकों के समकक्ष मानते हैं, ग्रेट ब्रिटेन इन्हें स्वीकार करता है और जैविक उत्पादों पर ताइवान के साथ पारस्परिक मान्यता समझौता है।
मुख्य तथ्य
- NPOP शुरू
- 2001, वाणिज्य विभाग
- सचिवालय
- APEDA
- ग्रोअर ग्रुप प्रमाणन
- 2005 से
- मान्यता
- यूरोपीय आयोग, स्विट्ज़रलैंड
- MRA
- ताइवान
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जुलाई 2025 में APEDA के अनुसार जैविक उत्पादों के लिए भारत का पारस्परिक मान्यता समझौता (MRA) किसके साथ है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ताइवान
PIB (27 जुलाई 2025): NPOP फसल मानकों को यूरोपीय आयोग और स्विट्ज़रलैंड मान्यता देते हैं और ग्रेट ब्रिटेन स्वीकार करता है; जैविक उत्पादों पर ताइवान के साथ MRA है।
राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे वाणिज्य विभाग ने 2001 में शुरू किया और APEDA इसका सचिवालय है। 2. छोटे और सीमांत किसानों के लिए इसके तहत ग्रोअर ग्रुप प्रमाणन 2005 में शुरू हुआ। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1 और 2 दोनों
PIB: NPOP वाणिज्य विभाग ने 2001 में शुरू किया, APEDA इसका सचिवालय है और ग्रोअर ग्रुप प्रमाणन 2005 में शुरू हुआ। दोनों सही।