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वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2024: पहली बार मानक प्रक्रिया के तहत, 81% से अधिक नमूने सिंचाई के लिए सुरक्षित

31 दिसंबर 2024 को जारी सीजीडब्ल्यूबी की रिपोर्ट 15,200 से अधिक निगरानी स्थलों को शामिल करती है।

सारांश

केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने 31 दिसंबर 2024 को जारी किया। यह रिपोर्ट नमूना संग्रह और विश्लेषण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अपनाने वाली पहली रिपोर्ट है, जिसमें 4,982 ट्रेंड स्टेशनों सहित 15,200 से अधिक निगरानी स्थल शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत का भूजल मुख्यतः कैल्शियम-बाइकार्बोनेट प्रकार का है और सोडियम अवशोषण अनुपात तथा अवशिष्ट सोडियम कार्बोनेट मानकों पर 81% से अधिक नमूने सिंचाई के लिए उपयुक्त हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के सभी नमूने सिंचाई के लिए उत्कृष्ट श्रेणी में पाए गए।

मुख्य तथ्य

जारी
31 दिसंबर 2024, सी.आर. पाटिल
तैयार किया
केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी)
पहली बार
मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत तैयार रिपोर्ट
दायरा
15,200 से अधिक निगरानी स्थल; 4,982 ट्रेंड स्टेशन
जल का प्रकार
मुख्यतः कैल्शियम-बाइकार्बोनेट
सिंचाई उपयुक्तता
81% से अधिक नमूने सुरक्षित (एसएआर/आरएससी); पूर्वोत्तर के 100% नमूने उत्कृष्ट

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 के अनुसार भारत का भूजल मुख्यतः किस प्रकार का है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — कैल्शियम-बाइकार्बोनेट प्रकार

पीआईबी (जल शक्ति): रिपोर्ट के अनुसार भूजल मुख्यतः कैल्शियम-बाइकार्बोनेट प्रकार का है।

Q2 उन्नत

सीजीडब्ल्यूबी की वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मानक संचालन प्रक्रिया के तहत तैयार पहली ऐसी रिपोर्ट है। 2. इसमें 15,200 से अधिक निगरानी स्थल शामिल हैं। 3. 81% से अधिक नमूने सिंचाई के लिए उपयुक्त पाए गए। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — 1, 2 और 3

पीआईबी (जल शक्ति): यह एसओपी अपनाने वाली पहली रिपोर्ट है, 15,200 से अधिक निगरानी स्थलों को शामिल करती है और 81% से अधिक नमूनों को सिंचाई के लिए सुरक्षित पाती है। तीनों कथन सही हैं।

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