अमित शाह ने बुद्ध पूर्णिमा पर लेह में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
गृह मंत्री अमित शाह ने 1 मई 2026, बुद्ध पूर्णिमा पर लेह में 'तथागत के पवित्र अवशेषों की पावन प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया, जिससे पिपरहवा स्तूप से जुड़े अवशेष 75 वर्ष बाद लद्दाख पहुँचे; प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी और ज़ांस्कर भी जाएगी।
सारांश
'तथागत के पवित्र अवशेषों की पावन प्रदर्शनी' का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1 मई 2026, बुद्ध पूर्णिमा पर लेह में लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की उपस्थिति में किया। शाह ने कहा कि अवशेष 75 वर्ष बाद लद्दाख आए हैं और लद्दाख की आध्यात्मिक पहचान चार परंपराओं — निंगमा, काग्यू, शाक्य और गेलुग — से बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 मई को कहा कि ये अवशेष कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप से जुड़े हैं और उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में उत्खनित हुए थे, तथा प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी और ज़ांस्कर भी जाएगी।
मुख्य तथ्य
- आयोजन
- तथागत के पवित्र अवशेषों की पावन प्रदर्शनी, लेह
- उद्घाटन
- 1 मई 2026 (बुद्ध पूर्णिमा), अमित शाह
- अवशेष
- पिपरहवा स्तूप, कपिलवस्तु से जुड़े; 19वीं सदी के अंत में उत्खनित
- अवधि
- 14 मई 2026 तक; ज़ांस्कर भी जाएगी
- लद्दाख की परंपराएँ
- निंगमा, काग्यू, शाक्य, गेलुग
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
1 मई 2026 से लेह में प्रदर्शित भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष किस स्तूप से जुड़े हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — पिपरहवा स्तूप, कपिलवस्तु
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अवशेष कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप से जुड़े हैं और उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में उत्खनित हुए थे।
1 मई 2026 को उद्घाटित लेह की बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रदर्शनी 14 मई 2026 तक चलेगी। 2. प्रदर्शनी ज़ांस्कर भी जाएगी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं: प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी और ज़ांस्कर भी जाएगी।
लेह में अवशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने लद्दाख की आध्यात्मिक पहचान बनाने वाली चार परंपराएँ बताईं। निम्नलिखित में से कौन-सी उनमें शामिल नहीं थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — थेरवाद
बताई गई चार परंपराएँ निंगमा, काग्यू, शाक्य और गेलुग थीं; थेरवाद इनमें नहीं था।