अमित शाह ने भारत के पहले सहकारी विश्वविद्यालय 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी
5 जुलाई 2025 को गुजरात के आणंद में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत के पहले सहकारी विश्वविद्यालय 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय का भूमि पूजन किया, जिसका 125 एकड़ का परिसर ₹500 करोड़ में बनेगा।
सारांश
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 जुलाई 2025 को गुजरात के आणंद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में देश के पहले सहकारी विश्वविद्यालय 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय का भूमि पूजन किया। परिसर 125 एकड़ से अधिक में फैला होगा और ₹500 करोड़ की लागत से बनेगा। शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने चार वर्षों में 60 नई पहलें की हैं और विश्वविद्यालय का नाम त्रिभुवनदास पटेल के नाम पर रखा गया है। विश्वविद्यालय की स्थापना संसद के अधिनियम द्वारा ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आणंद (IRMA) को परिवर्तित करके की गई है और इसे 6 अप्रैल 2025 से राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है (स्थैतिक)।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- भूमि पूजन, आणंद, 5 जुलाई 2025
- परिसर
- 125 एकड़; ₹500 करोड़
- अधिनियम (स्थैतिक)
- IRMA को परिवर्तित कर; 6 अप्रैल 2025 से
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
5 जुलाई 2025 को आणंद में जिस भारत के पहले सहकारी विश्वविद्यालय का भूमि पूजन हुआ, उसका नाम क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय
सहकारिता मंत्रालय: श्री अमित शाह ने आणंद में देश के पहले सहकारी विश्वविद्यालय 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय का भूमि पूजन किया।
आणंद में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय का परिसर लगभग कितने एकड़ में फैला होगा और उसकी लागत कितनी होगी?
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सही उत्तर: A — 125 एकड़; ₹500 करोड़
सहकारिता मंत्रालय: विश्वविद्यालय परिसर 125 एकड़ से अधिक में फैला होगा और ₹500 करोड़ की लागत से बनेगा।
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना संसद के अधिनियम द्वारा किस मौजूदा संस्थान को परिवर्तित करके की गई?
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सही उत्तर: C — ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आणंद (IRMA)
सहकारिता मंत्रालय: TSU की स्थापना ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आणंद (IRMA) को परिवर्तित करके की गई और संसद के अधिनियम द्वारा इसे 6 अप्रैल 2025 से राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया।