कृषि मंत्रालय ने 3.8 करोड़ किसानों को AI आधारित मानसून पूर्वानुमान भेजे
कृषि मंत्रालय ने 12 सितंबर 2025 को बताया कि इस वर्ष उसने 13 राज्यों के लगभग 3.8 करोड़ किसानों को m-Kisan के माध्यम से SMS द्वारा बारिश से चार सप्ताह पहले तक AI आधारित मानसून आगमन पूर्वानुमान भेजे।
सारांश
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 12 सितंबर 2025 को बताया कि इस वर्ष उसने 13 राज्यों के लगभग 3.8 करोड़ किसानों को m-Kisan के माध्यम से SMS द्वारा AI आधारित मानसून पूर्वानुमान भेजे। पूर्वानुमान बारिश से चार सप्ताह पहले तक उपलब्ध थे, जिससे किसानों को खरीफ बुवाई के निर्णय लेने में मदद मिली। मंत्रालय ने इसे किसानों तक AI मौसम पूर्वानुमान के लक्षित प्रसार का अपनी तरह का पहला प्रयास बताया। पूर्वानुमान में दो ओपन-एक्सेस मॉडल, गूगल का NeuralGCM और यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स का आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस फोरकास्टिंग सिस्टम (AIFS), मिलाए गए। मंत्रालय के अधिकारियों ने 8 सितंबर को नोबेल विजेता शिकागो विश्वविद्यालय के माइकल क्रेमर के साथ कार्यक्रम की समीक्षा की।
मुख्य तथ्य
- पहुँच
- 13 राज्यों में ~3.8 करोड़ किसान, m-Kisan SMS से
- अग्रिम समय
- मानसूनी बारिश से 4 सप्ताह पहले तक
- मॉडल
- गूगल NeuralGCM + ECMWF AIFS (ओपन-एक्सेस)
- उद्देश्य
- खरीफ योजना
- समीक्षा
- नोबेल विजेता माइकल क्रेमर के साथ, 8 सितंबर
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2025 में कृषि मंत्रालय ने लगभग 3.8 करोड़ किसानों को SMS द्वारा AI आधारित मानसून पूर्वानुमान किस मंच से भेजे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — m-Kisan
मंत्रालय ने 13 राज्यों के लगभग 3.8 करोड़ किसानों को m-Kisan के माध्यम से SMS द्वारा AI आधारित मानसून पूर्वानुमान भेजे।
2025 में किसानों को भेजे गए AI आधारित मानसून पूर्वानुमान में किन दो ओपन-एक्सेस मॉडलों का मिश्रण था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — गूगल का NeuralGCM और ECMWF का AIFS
मंत्रालय के पूर्वानुमान गूगल के NeuralGCM और ECMWF के आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस फोरकास्टिंग सिस्टम (AIFS) का मिश्रण थे, जो स्थानीय मानसून आगमन का अनुमान लगाने में अन्य पूर्वानुमानों से बेहतर रहे।