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IIA के वैज्ञानिकों ने CME की दिशा जानने के लिए आदित्य-L1 के VELC पेलोड से सौर कोरोना की डॉप्लर वेग छवियाँ बनाईं

भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने 20 अक्टूबर 2026 को बताया कि उन्होंने आदित्य-L1 पर लगे विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ़ (VELC) से सौर कोरोना की डॉप्लर वेग छवियाँ बनाई हैं, जिनसे पता चल सकता है कि कोरोनल मास इजेक्शन पृथ्वी की ओर बढ़ रहे हैं या नहीं।

सारांश

भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-L1 के विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ़ (VELC) पेलोड के आँकड़ों से सौर कोरोना की डॉप्लर वेग छवियाँ बनाई हैं, जिसकी जानकारी 20 अक्टूबर 2026 को दी गई। इन छवियों से सूर्य-पृथ्वी दिशा में कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के प्रसार की जानकारी मिलने की उम्मीद है, जो अब तक उपलब्ध नहीं थी; धनात्मक डॉप्लर वेग का अर्थ है प्लाज़्मा प्रेक्षक से दूर जा रहा है और ऋणात्मक का अर्थ है उसकी ओर आ रहा है। Fe XIV 5303 Å हरी कोरोनल उत्सर्जन रेखा पर आधारित डेटा-प्रोसेसिंग सॉफ़्टवेयर डॉ. वी. मुथु प्रियल और उनकी टीम ने विकसित किया, जो 16 अक्टूबर 2026 को द एस्ट्रोफ़िज़िकल जर्नल सप्लीमेंट सीरीज़ में प्रकाशित हुआ। VELC के प्रधान अन्वेषक प्रो. आर. रमेश ने कहा कि वर्तमान में L1 बिंदु से ऐसी छवियाँ केवल VELC ही बना सकता है।

मुख्य तथ्य

मिशन
आदित्य-L1 (भारत का पहला सौर मिशन)
पेलोड
विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ़ (VELC)
संस्थान
भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु
परिणाम
सौर कोरोना की डॉप्लर वेग छवियाँ
उपयोग
सूर्य-पृथ्वी रेखा पर CME की दिशा
संकेत
धनात्मक = प्रेक्षक से दूर; ऋणात्मक = प्रेक्षक की ओर
उत्सर्जन रेखा
Fe XIV 5303 Å (हरी कोरोनल रेखा)
शोध पत्र
ApJ सप्लीमेंट सीरीज़ 287, 12 (16 अक्टूबर 2026); सॉफ़्टवेयर डॉ. वी. मुथु प्रियल की टीम का
VELC प्रधान अन्वेषक
प्रो. आर. रमेश

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

अक्टूबर 2026 में IIA के वैज्ञानिकों ने सौर कोरोना की डॉप्लर वेग छवियाँ बनाने के लिए आदित्य-L1 के किस पेलोड के आँकड़ों का उपयोग किया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ़ (VELC)

द हिंदू (20 अक्टूबर 2026): IIA के वैज्ञानिकों ने आदित्य-L1 पर लगे विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ़ (VELC) पेलोड के आँकड़ों से डॉप्लर वेग छवियाँ बनाईं।
Q2 उन्नत

आदित्य-L1 की डॉप्लर वेग छवियों (अक्टूबर 2026) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धनात्मक डॉप्लर वेग सौर प्लाज़्मा के प्रेक्षक की ओर आने को दर्शाता है। 2. डेटा-प्रोसेसिंग पाइपलाइन Fe XIV 5303 Å कोरोनल उत्सर्जन रेखा पर आधारित है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — केवल 2

द हिंदू: धनात्मक डॉप्लर वेग प्लाज़्मा के प्रेक्षक से दूर जाने और ऋणात्मक उसकी ओर आने को दर्शाता है, अतः कथन 1 ग़लत है। ApJS शोध पत्र (16 अक्टूबर 2026) VELC [Fe XIV] 5303 Å प्रेक्षणों की पाइपलाइन का वर्णन करता है, अतः कथन 2 सही है। उत्तर: केवल 2।

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