जेल में बंद PKK संस्थापक अब्दुल्ला ओजलान ने संगठन से हथियार डालने और ख़ुद को भंग करने का आह्वान किया
कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के जेल में बंद संस्थापक अब्दुल्ला ओजलान ने 27 फ़रवरी 2025 को संगठन से हथियार डालने और ख़ुद को भंग करने का आह्वान किया; उनका पत्र कुर्द-समर्थक DEM पार्टी के नेताओं ने इस्तांबुल में पढ़कर सुनाया।
सारांश
27 फ़रवरी 2025 को कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के 75 वर्षीय संस्थापक अब्दुल्ला ओजलान का पत्र DEM पार्टी के नेताओं अहमत तुर्क और पेरविन बुलदान ने इस्तांबुल में पढ़कर सुनाया; इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल ने मरमरा सागर के इमराली द्वीप पर उनसे मुलाक़ात की थी, जहाँ वे 1999 से क़ैद हैं। ओजलान ने कहा कि सभी समूहों को हथियार डालने होंगे और PKK से कांग्रेस बुलाकर ख़ुद को भंग करने को कहा। तुर्किये, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित PKK लगभग चार दशकों से तुर्किये के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह कर रहा है। यह कदम राष्ट्रपति एर्दोआन के राष्ट्रवादी सहयोगी देवलत बाहचेली द्वारा अक्टूबर 2024 में शुरू की गई शांति पहल के बाद आया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 27 फ़रवरी 2025, पत्र इस्तांबुल में पढ़ा गया
- किसने
- अब्दुल्ला ओजलान, PKK संस्थापक
- जेल
- इमराली द्वीप, मरमरा सागर (1999 से)
- पढ़ा
- DEM पार्टी के अहमत तुर्क और पेरविन बुलदान
- आह्वान
- हथियार डालें; PKK कांग्रेस बुलाकर ख़ुद को भंग करे
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
27 फ़रवरी 2025 को अपने संगठन से हथियार डालने और भंग होने का आह्वान करने वाले अब्दुल्ला ओजलान किस संगठन के संस्थापक हैं?
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सही उत्तर: B — कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK)
अब्दुल्ला ओजलान कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के जेल में बंद संस्थापक हैं, जिससे उन्होंने हथियार डालने और ख़ुद को भंग करने को कहा।
PKK संस्थापक अब्दुल्ला ओजलान 1999 से किस द्वीप पर क़ैद हैं?
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सही उत्तर: C — इमराली
ओजलान 1999 से मरमरा सागर के इमराली द्वीप पर क़ैद हैं; 27 फ़रवरी 2025 को पत्र पढ़े जाने से पहले DEM पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने वहीं उनसे मुलाक़ात की थी।
27 फ़रवरी 2025 को इस्तांबुल में PKK से हथियार डालने का अब्दुल्ला ओजलान का आह्वान तुर्किये की किस राजनीतिक पार्टी के सदस्यों ने पढ़कर सुनाया?
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सही उत्तर: D — DEM पार्टी
इमराली द्वीप की यात्रा के बाद DEM पार्टी के नेताओं अहमत तुर्क और पेरविन बुलदान ने पत्र पढ़कर सुनाया।