चौथा भारत-जर्मन पर्यावरण फ़ोरम: भारत और जर्मनी ने आर्द्रभूमि घोषणा पर हस्ताक्षर किए
1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फ़ोरम में भारत और जर्मनी ने अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग पर संयुक्त आशय घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
सारांश
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और जर्मन पर्यावरण मंत्री कार्स्टेन श्नाइडर ने 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 'Together For More Resilience' थीम के साथ चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फ़ोरम (IGEF) की सह-अध्यक्षता की। दोनों मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग पर संयुक्त आशय घोषणा (JDI) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें आर्द्रभूमि विज्ञान, पुनर्स्थापन और सामुदायिक भागीदारी शामिल है। IGEF पर्यावरण नीति पर भारत और जर्मनी के बीच सर्वोच्च स्तर का द्विपक्षीय मंच है और 2008 से आयोजित हो रहा है। इसके सत्रों में निम्न-कार्बन उद्योग, जैव विविधता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और सतत वित्त शामिल रहे।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- चौथा भारत-जर्मन पर्यावरण फ़ोरम, नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026
- सह-अध्यक्ष
- भूपेंद्र यादव और कार्स्टेन श्नाइडर
- थीम
- Together For More Resilience
- परिणाम
- अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों पर JDI
- IGEF
- भारत–जर्मनी का सर्वोच्च पर्यावरण मंच, 2008 से
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
सितंबर 2026 में चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फ़ोरम में भारत और जर्मनी ने किस विषय पर संयुक्त आशय घोषणा पर हस्ताक्षर किए?
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सही उत्तर: C — अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों का संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग
मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग पर JDI पर हस्ताक्षर किए।
2026 में नई दिल्ली में हुए चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फ़ोरम की थीम क्या थी?
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सही उत्तर: D — Together For More Resilience
फ़ोरम की थीम 'Together For More Resilience' थी।