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2021 से जून 2026 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई में 332 सफाई कर्मियों की मौत

राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 21 जुलाई 2026 को लोकसभा को बताया कि जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सीवर और सेप्टिक टैंक साफ करते हुए 332 सफाई कर्मियों की जान गई।

सारांश

सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई में सफाई कर्मियों की मौतों की संख्या जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 332 रही; यह आंकड़ा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) का है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने लोकसभा में बताया। सरकार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में खतरनाक सफाई के लिए एजेंसियों और अधिकारियों के विरुद्ध 193 एफआईआर दर्ज की गईं। हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 6 दिसंबर 2013 से लागू है; अधिनियम की धारा 8 में दो वर्ष तक के कारावास, ₹1 लाख तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।

मुख्य तथ्य

मौतें
332, 18 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश, जनवरी 2021 – जून 2026
स्रोत
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग
एफआईआर
पिछले पांच वर्षों में 193
कानून
MS अधिनियम, 2013 – 6 दिसंबर 2013 से लागू
दंड (धारा 8)
2 वर्ष तक कारावास, ₹1 लाख तक जुर्माना या दोनों

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1 उन्नत

जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई में कितने सफाई कर्मियों की मौत दर्ज हुई?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 332

18 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 332 सफाई कर्मियों की मौत हुई; 193 पिछले पांच वर्षों में दर्ज एफआईआर की संख्या है।

Q2 उन्नत

हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अधिनियम 6 दिसंबर 2013 को लागू हुआ। 2. अधिनियम की धारा 8 में मैला उठाने वाले को नियोजित करने पर पांच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — केवल 1

कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: धारा 8 में दो वर्ष तक के कारावास, ₹1 लाख तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।

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