233 वर्ष पुरानी वाल्मीकि रामायण पांडुलिपि अयोध्या के राम कथा संग्रहालय को भेंट
संस्कृति मंत्रालय ने 20 जनवरी 2026 को बताया कि 1792 ई. की वाल्मीकि रामायण की 233 वर्ष पुरानी दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपि अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को स्थायी रूप से भेंट की गई।
सारांश
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने महेश्वर तीर्थ की तत्त्वदीपिका टीका सहित वाल्मीकिरामायणम् की पांडुलिपि प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को सौंपी। देवनागरी लिपि में संस्कृत में लिखी यह पांडुलिपि विक्रम संवत 1849 (1792 ई.) की है और इसमें पाँच कांड हैं: बाल, अरण्य, किष्किंधा, सुंदर और युद्ध। पहले राष्ट्रपति भवन को ऋण पर दी गई यह पांडुलिपि अब अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय, अयोध्या को स्थायी रूप से भेंट कर दी गई है।
मुख्य तथ्य
- पांडुलिपि
- तत्त्वदीपिका टीका सहित वाल्मीकिरामायणम्
- टीकाकार
- महेश्वर तीर्थ
- तिथि
- विक्रम संवत 1849 (1792 ई.)
- कांड
- बाल, अरण्य, किष्किंधा, सुंदर, युद्ध
- भेंटकर्ता
- प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय
- नया स्थान
- अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय, अयोध्या (पहले राष्ट्रपति भवन को ऋण पर)
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जनवरी 2026 में भेंट की गई 233 वर्ष पुरानी वाल्मीकि रामायण पांडुलिपि किस संग्रहालय को दी गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय, अयोध्या
PIB (संस्कृति): पांडुलिपि अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय, अयोध्या को स्थायी रूप से भेंट की गई है।
राम कथा संग्रहालय को भेंट की गई वाल्मीकि रामायण पांडुलिपि में कौन-सी शास्त्रीय टीका है?
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सही उत्तर: A — महेश्वर तीर्थ की तत्त्वदीपिका
PIB (संस्कृति): पांडुलिपि महेश्वर तीर्थ की तत्त्वदीपिका टीका सहित वाल्मीकिरामायणम् है।
जनवरी 2026 में भेंट की गई वाल्मीकि रामायण पांडुलिपि के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह विक्रम संवत 1849 (1792 ई.) की है। 2. इसमें उत्तरकांड सहित सभी सात कांड हैं। 3. यह पहले राष्ट्रपति भवन को ऋण पर दी गई थी। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
PIB (संस्कृति): पांडुलिपि विक्रम संवत 1849 (1792 ई.) की है और पहले राष्ट्रपति भवन को ऋण पर थी; इसमें पाँच कांड हैं — बाल, अरण्य, किष्किंधा, सुंदर और युद्ध — इसलिए कथन 2 गलत है।