टोक्यो में 15वाँ भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन: अगले दशक का संयुक्त विज़न, सुरक्षा घोषणा और ¥10 ट्रिलियन निवेश लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने 29 अगस्त 2025 को टोक्यो में 15वाँ भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन किया, जिसमें अगले दशक का संयुक्त विज़न, सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा और ¥10 ट्रिलियन निजी निवेश का लक्ष्य अपनाया गया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29–30 अगस्त की आधिकारिक कार्य यात्रा के दौरान 29 अगस्त 2025 को टोक्यो के कांतेई में जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वाँ भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन किया। नेताओं ने आठ दिशाओं वाला अगले दशक का संयुक्त विज़न, सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, और पाँच वर्षों में 5,00,000 लोगों के दोतरफ़ा आदान-प्रदान, जिसमें भारत से जापान 50,000 कुशल और अर्ध-कुशल कर्मी शामिल हैं, के लिए मानव संसाधन आदान-प्रदान कार्य योजना अपनाई। उन्होंने अगले दशक में जापान से भारत में ¥10 ट्रिलियन निजी निवेश का नया लक्ष्य रखा और आर्थिक सुरक्षा पहल तथा भारत–जापान AI पहल शुरू की। परिणामों की सूची के 13 दस्तावेज़ों में संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन (चंद्रयान-5) पर ISRO–JAXA कार्यान्वयन व्यवस्था, संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र पर सहयोग ज्ञापन और डिजिटल साझेदारी 2.0 शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 29 अगस्त 2025, कांतेई, टोक्यो
- नेता
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा
- यात्रा प्रकार
- आधिकारिक कार्य यात्रा, 29–30 अगस्त 2025
- संयुक्त विज़न
- अगले दशक के लिए आठ दिशाएँ
- निवेश लक्ष्य
- 10 वर्षों में ¥10 ट्रिलियन निजी निवेश (पहले: 2022–26 के लिए ¥5 ट्रिलियन)
- मानव संसाधन योजना
- 5 वर्षों में 5,00,000 दोतरफ़ा आदान-प्रदान, 50,000 कुशल/अर्ध-कुशल भारतीय सहित
- अंतरिक्ष
- संयुक्त चंद्र ध्रुवीय मिशन (चंद्रयान-5) पर ISRO–JAXA व्यवस्था
- अन्य पहल
- आर्थिक सुरक्षा पहल; भारत–जापान AI पहल; JCM सहयोग ज्ञापन; डिजिटल साझेदारी 2.0
अभ्यास MCQ 5 प्रश्न
15वें भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (29 अगस्त 2025) में अगले दशक में जापान से भारत में निजी निवेश का कौन सा नया लक्ष्य रखा गया?
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सही उत्तर: D — ¥10 ट्रिलियन
संयुक्त विज़न में 2022–2026 के ¥5 ट्रिलियन सार्वजनिक और निजी निवेश लक्ष्य के आधार पर ¥10 ट्रिलियन निजी निवेश का नया लक्ष्य रखा गया।
अगस्त 2025 में अपनाई गई भारत–जापान मानव संसाधन आदान-प्रदान कार्य योजना का लक्ष्य पाँच वर्षों में कितने लोगों का दोतरफ़ा आदान-प्रदान है?
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सही उत्तर: D — 5,00,000
योजना का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में 5,00,000 लोगों का दोतरफ़ा आदान-प्रदान है, जिसमें भारत से जापान 50,000 कुशल और अर्ध-कुशल कर्मी शामिल हैं।
15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में ISRO और JAXA के बीच हस्ताक्षरित कार्यान्वयन व्यवस्था किस मिशन से संबंधित है?
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सही उत्तर: D — चंद्रयान-5 (संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण)
ISRO–JAXA कार्यान्वयन व्यवस्था संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन, यानी चंद्रयान-5 मिशन से संबंधित है।
भारत–जापान सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (अगस्त 2025) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसमें सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) के माध्यम से समुद्री क्षेत्र जागरूकता बढ़ाने की परिकल्पना है। 2. इसमें दोनों पक्षों के संयुक्त स्टाफ़ के बीच व्यापक संवाद के लिए नई बैठक व्यवस्था तलाशने का प्रावधान है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। घोषणा में IFC-IOR और समुद्री क्षेत्र जागरूकता के लिए हिंद-प्रशांत साझेदारी के माध्यम से सहयोग, और संयुक्त स्टाफ़ संवाद की नई व्यवस्था तलाशना, अन्य उपायों के साथ शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा (29 अगस्त 2025) के परिणामों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. डीकार्बोनाइज़िंग प्रौद्योगिकियों के प्रसार के लिए संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र पर सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। 2. अगले दशक का संयुक्त विज़न पाँच दिशाएँ निर्धारित करता है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: संयुक्त विज़न आठ दिशाएँ निर्धारित करता है (आर्थिक साझेदारी, आर्थिक सुरक्षा, गतिशीलता, पारिस्थितिक स्थिरता, प्रौद्योगिकी और नवाचार, स्वास्थ्य, जन-संपर्क और राज्य-प्रांत जुड़ाव)।