11वाँ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: 24 मास्टर बुनकरों को संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार
वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने 7 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्घाटन किया और छह महिलाओं तथा एक दिव्यांग कारीगर सहित 24 मास्टर बुनकरों को संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए।
सारांश
11वाँ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में मनाया गया, जहाँ केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने छह महिलाओं और एक दिव्यांग कारीगर सहित 24 मास्टर बुनकरों को संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को 1905 में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की स्मृति में मनाया जाता है; पहला आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में चेन्नई में किया था। हथकरघा क्षेत्र में 35 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं, जिनमें 70% से अधिक महिलाएँ हैं, और मंत्री ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र अब देश में रोज़गार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 7 अगस्त 2025, नई दिल्ली (11वाँ संस्करण)
- पुरस्कार
- 24 मास्टर बुनकरों को संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार
- विजेताओं में
- 6 महिलाएँ और 1 दिव्यांग कारीगर
- 7 अगस्त क्यों
- 1905 में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत
- पहला आयोजन
- 2015, चेन्नई, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा
- रोज़गार
- हथकरघा में 35 लाख+; 70% से अधिक महिलाएँ
- क्लस्टर
- 797 हथकरघा क्लस्टर
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 1905 में किस आंदोलन की शुरुआत की स्मृति में 7 अगस्त को मनाया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — स्वदेशी आंदोलन
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को 1905 में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की स्मृति में मनाया जाता है।
2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्घाटन किस शहर में किया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — चेन्नई
पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में चेन्नई में किया था।
11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बताए गए निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. हथकरघा क्षेत्र में 35 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं, जिनमें 70% से अधिक महिलाएँ हैं। 2. संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 24 मास्टर बुनकरों को दिए गए। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। हथकरघा क्षेत्र में 35 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं जिनमें 70% से अधिक महिलाएँ हैं, और संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार छह महिलाओं और एक दिव्यांग कारीगर सहित 24 मास्टर बुनकरों को मिले।