Centre ne PMGKAY mein rice fortification temporarily band kiya
DFPD ne 27 February 2026 ko announce kiya ki behtar nutrient delivery mechanism milne tak PMGKAY aur allied schemes mein rice fortification temporarily band rahega.
Summary
IIT Kharagpur study: moisture, temperature, humidity, storage aur packaging se FRK aur fortified rice ke micronutrients aur shelf life ghatte hain; chawal 2–3 saal storage mein rehta hai. Entitlements kam nahi honge; PDS, ICDS, Mid-Day Meal par asar nahi. States fortified ya normal rice de sakte hain. Background: 15 Aug 2021 announcement, April 2022 se phased rollout, March 2024 tak universal, Oct 2024 mein Dec 2028 tak extension.
Key facts
- Date
- 27 Feb 2026
- Study
- IIT Kharagpur
- Scheme
- PMGKAY
- Announced
- 15 Aug 2021
Practice MCQs 4 questions
फरवरी 2026 में किस संस्थान के अध्ययन के आधार पर केंद्र ने चावल फोर्टिफिकेशन अस्थायी रूप से बंद किया?
Answer dekho
Sahi uttar: D — IIT खड़गपुर
सरकार ने वास्तविक भंडारण स्थितियों में फोर्टिफाइड चावल दानों और फोर्टिफाइड चावल की शेल्फ लाइफ पर IIT खड़गपुर को अध्ययन सौंपा था।
फरवरी 2026 के निर्णय में फोर्टिफाइड चावल की मुख्य समस्या क्या बताई गई?
Answer dekho
Sahi uttar: A — लंबे भंडारण में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और घटती शेल्फ लाइफ
अध्ययन में पाया गया कि लंबे भंडारण और रख-रखाव में फोर्टिफाइड चावल दानों और फोर्टिफाइड चावल के सूक्ष्म पोषक तत्व व शेल्फ लाइफ घटते हैं, जबकि चावल दो-तीन वर्ष भंडार में रहता है।
चावल फोर्टिफिकेशन पर फरवरी 2026 के निर्णय के अनुसार निम्न में से क्या सही है?
Answer dekho
Sahi uttar: B — संक्रमणकालीन उपाय के रूप में राज्य/केंद्रशासित प्रदेश फोर्टिफाइड या सामान्य चावल दे सकते हैं
पात्रता में कमी नहीं हुई और PDS, ICDS व मध्याह्न भोजन अप्रभावित हैं; राज्यों को फोर्टिफाइड या सामान्य चावल देने की छूट मिली।
भारत की चावल फोर्टिफिकेशन पहल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस संबोधन में की थी। 2. सभी सरकारी योजनाओं में फोर्टिफाइड चावल का सार्वभौमिक कवरेज मार्च 2024 तक हासिल हुआ। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Answer dekho
Sahi uttar: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। PIB (अक्टूबर 2024) के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री के 75वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद शुरू हुई, CCEA ने अप्रैल 2022 में चरणबद्ध रोलआउट को मंज़ूरी दी, और मार्च 2024 तक सार्वभौमिक कवरेज हासिल हुआ।